जय माँ काली
माँ काली मंदिर, गंगटा
मुंगेर, बिहार · 225 बरस पुरानो काली पूजा
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि ।
दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता ॥
मैया, तोरा याद करथैं सब डर मिटी जाय छै। दुख, दरिद्रता आरो भय हरै वाली, सबके भला लेली हरदम करुणा सें भींजलो हिरदय वाली — तोरा छोड़ी आरो के छै?
काली पूजा शुरू होय में
–दिन
–घंटा
–मिनट
–सेकेंड
8 नवम्बर, दीवाली के राती 12 बजे